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डायबिटीज क्या है, आइये इसके लक्षण ओर जांच के बारे में जानते है।

डायबिटीज के लक्षण और जरूरी जांच।


आज के समय मे डायबिटीज एक साधारण बीमारी हो गया है। अपने आस पास यदि देखे तो बहुत सारे डायबिटीज से परेशान व्यक्ति मिल जाएंगे। क्योकी आज की जीवन शैली ही कुछ ऐसी हो गयी है बड़े की बात तो छोड़िए अब आप युवाओं ओर बच्चो में भी आप इस तरह की बीमारी देख सकते है। पहले के समय मे ये बीमारी एक अनुवांशिक बीमारी होती थी। साधारण भाषा मे आप समझे यदि आपके father को है या grand father को था तो आपको होने का risk ज्यादा रहता है। पर अभी के समय मे देखे तो ये बीमारी हमारी लाइफस्टाइल के कारण हो रहा है। यह एक ऐसी बीमारी जो इंसान को अंदर ही अंदर खोकला कर देती है।

आप जानते होंगे कि हमारे शरीर मे पैंक्रियाज ग्रंथि होती है ओर यही पैंक्रियाज ग्रंथि का ठीक से काम ना करना या पूरी तरह से बेकार हो जाने से ही डायबिटीज हो जाती है।डायबिटीज होने के ऐसे तो बहुत कारण है। पर सबसे अधिक पैंक्रियाज के कारण ही होता है ,जिसमें आपका शुगर स्तर बहुत अधिक है। ग्लूकोज आपके द्वारा खाए जाने वाले खाद्य पदार्थों से आता है। इंसुलिन एक हार्मोन है जो ग्लूकोज को ऊर्जा देने के लिए आपकी कोशिकाओं में जाने में मदद करता है। इसे टाइप 1 डायबिटीज कहते है, यदि आपका शरीर इंसुलिन नहीं बनाता है। टाइप 2 डायबिटीज कहते है अधिक सामान्य प्रकार, आपका शरीर इंसुलिन को अच्छी तरह से नहीं बनाता या उपयोग नहीं करता है। पर्याप्त इंसुलिन के बिना, ग्लूकोज आपके रक्त में रहता है। आपको प्रीडायबिटीज भी हो सकती है। इसका मतलब है कि आपका ब्लड शुगर सामान्य से अधिक है लेकिन डायबिटीज कहलाने लायक नहीं है। प्रीडायबिटीज होने से आपको टाइप 2 डायबिटीज होने का अधिक खतरा होता है।

समय के साथ, आपके खून में बहुत अधिक ग्लूकोज होने से गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। यह आपकी आंखों, किडनी और नसों को नुकसान पहुंचा सकता है। डायबिटीज हृदय रोग, स्ट्रोक और यहां तक ​​कि एक अंग को हटाने की आवश्यकता भी पैदा कर सकता है। गर्भवती महिलाओं को मधुमेह भी हो सकता है, जिसे गर्भावधि मधुमेह कहा जाता है।

डायबिटीज के लक्षण

  • पूरा दिन ज्यादा थकान महसूस होना, सुबह के समय पर्याप्त नींद लेने के बावजूद महसूस होना की नींद पूरी नही हुई है। और थकान महसूस होना , ये इस बीमारी के सुरुआति कारण है।
  • डायबिटीज होने पे ज्यादा पेसाब का आना , जब किसी व्यक्ति के शरीर मे शुगर एक तय सीमा से ज्यादा इकट्टा हो जाता है तो शुगर पेसाब के रास्ते बाहर निकलने लगता है इसीलिए पेसाब का जल्दी आना भी एक लक्षण है।
  • बार बार प्यास लगना चुकी आपके शरीर से पानी और शुगर दो बाहर आता है। तो बात स्वाभाविक से है कि आपको प्यास लगता रहेगा। लोग अक्सर इस बात को अनदेखा कर देते है। और उन्हें पता नही चलता कि उनके शरीर मे डायबिटीज दस्तक दे चुकी है।
  • ज्यादातर डायबिटीज के लक्षण को आंख के डॉक्टर आंख देख कर बता देते है। डायबिटीज का ज्यादा प्रभाव आदमी के आंख पे ही पड़ता है।और सुरुआत से ही आंख का रोशनी कम होने लगता है, ओर किसी भी चीज को पढ़ने के लिए आंखों पे ज्यादा जोर देना पड़ता है।
  • डायबिटीज रोग में आदमी का वजन सुरुआत में ही तेजी से कम होने लगता है।यू कहे कि पहले की अपेक्षा वजन में ज्यादा कमी हो जाता है। और भूख भी पहले से ज्यादा लगने लगती है।
  • यदि आपके शरीर का कोई जख्म जल्दी ना भर रहा हो कोई छोटा सा खुरांच हो और  बहुत दिनों से खत्म नही हो रहा और वो लगातार बढ़ रहा हो और संक्रमण आपको साफ साफ दिखाई देने लगेगा।
  • डायबिटीज वाले आदमी के शरीर मे कोई घाव जल्दी नही भरता , यदि आपको कोई जुकाम या खांसी या कोई बैक्टीरियल इंफेक्शन हो गया तो आपको राहत नही मिलेगी। जो इंफेक्शन जल्दी खत्म हो जाना चाहिए वो खत्म नही होगा। डायबिटीज वाले आदमी को सुरु से ही त्वचा से संबंधित बहुत सारे रोग होने लगेगा।


डायबिटीज के लिए जरूरी जांच

  • यदि आपको डायबिटीज है तो आप A1C एक प्रकार का परीक्षण है। इसे करना चाहिए।
  • आपको लागातार अपने शुगर लेवल को चेक करना होगा।अभी के समय तो बहुत सारी छोटी मशीने आगयी है । आप उसका उपयोग कर के घर मे ही ये चेक आसानी से कर सकते है।
  • समय समय पर ब्लड चेक करना चाहिए और खास कर के किडनी का चेकअप तो करना ही चाहिए।इससे आपको किडनी की परेशानी नही होगी।डायबिटीज किडनी पे ज्यादा असर करती है।
  • कोलेस्ट्रॉल की जांच आपको समय समय पे करनी चाहिए। इसमे बेड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा तेजी से बढ़ती है जिससे रक्त धमनी में बेड कोलेस्ट्रॉल जमा हो जाती है और हृदय से जुड़ी बीमारी हो सकती है। ओर साथ ही आपको ब्लड प्रेशर की जांच भी करनी चाहिए
  • इस बीमारी में आपको पैरो की जांच आवश्यक है। यदि आपको पैरो से जुड़ी कोई बीमारी हो रही है तो तुरंत जांच कराए। क्योंकि इसमे पैरो की संवेदनशीलता कम होने लगती है।
  • आखो की जांच करना चाहिए जब आपके सरीर में ग्लूकोज़ की मात्रा बढ़ती है ओर लंबे समय तक रहती है तो सीधा रेटिना पे असर करती है इसे हम रेटिनोपैथी कहते है आंख में होने वाली समस्या का पता जल्दी नही चलता है।

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2 Comments

  1. Very good information thanks

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  2. There are really very knowledgeable information on your blog ... always keep writing like this
    Diabetes in hindi

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